Featureछत्तीसगढ़राष्ट्रीय

श्री पूर्वेश देवांगन ने भी मृत्यु उपरांत पूर्ण देहदान का निश्चय कर समाज में चेतना व आशा का नया दीप प्रज्वलित किया

संस्था इनके इस युगांतरकारी निर्णय को नमन करती है और ईश्वर से इनके दीर्घ, सुखद व मंगलमय जीवन की प्रार्थना करती है

Advertisements

आराध्य टाइम डेस्क /भिलाई /सर्वधर्म सेवा संस्था  भिलाई द्वारा निरंतर चलाए जा रहे “अंगदान–देहदान संकल्प अभियान” के पावन क्रम में आज मैत्री कुंज के शर्मा परिवार ने सेवा और त्याग की अद्वितीय मिसाल कायम कर मरणोपरांत सम्पूर्ण देहदान का संकल्प लिया।इस महादानी संकल्प में सम्मिलित –माता श्रीमती विमला शर्मापुत्र श्री राजीव शर्मा (जन्मदिन आज – विशेष संकल्प)बहू श्रीमती शारदा शर्माश्री विजय शर्मा (जन्मदिन आज – संकल्प दिवस)श्री राकेश शर्माइन सभी ने एकसाथ जीवन के परे मानवता की ज्योति जलाने का महान व्रत लिया।इसी श्रृंखला में रेलवे विभाग में कार्यरत श्री पूर्वेश देवांगन ने भी मृत्यु उपरांत पूर्ण देहदान का निश्चय कर समाज में चेतना व आशा का नया दीप प्रज्वलित किया।
सभी संकल्पकर्ताओं ने अपनी प्रतिज्ञा पत्र संस्था के अध्यक्ष श्री सुरेश खांडवे को सौंपे। संस्था इनके इस युगांतरकारी निर्णय को नमन करती है और ईश्वर से इनके दीर्घ, सुखद व मंगलमय जीवन की प्रार्थना करती है

अंगदान की वर्तमान स्थिति – एक कटु सत्यभारत में हर वर्ष 5 लाख से अधिक मरीज अंगों के अभाव में मृत्यु को प्राप्त होते हैं।प्रतिदिन लगभग 20–25 हज़ार लोग हार्ट, लीवर, किडनी जैसे अंग न मिलने के कारण दम तोड़ देते हैं।मृत्यु पश्चात केवल 0.01% लोग ही अंगदान करते हैं।सच यह है कि एक मृत शरीर के अंग 8 लोगों को नया जीवन और ऊतक (टिशू) 75 लोगों को दृष्टि व राहत दे सकते हैं।

अंग क्यों व्यर्थ हो जाते हैं?
सड़क दुर्घटनाओं के बाद अंग समय रहते सुरक्षित न किया जा पाने से हजारों जीवन बच नहीं पाते।मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग जैसी जीवनशैली संबंधी बीमारियाँ अंगों को कमजोर कर रही हैं।सामाजिक भ्रांतियाँ और धार्मिक अंधविश्वास समाज को इस महान दान से दूर रख रहे हैं।

अंगदान क्यों करें?
आपकी मृत्यु किसी और की जिंदगी की सुबह बन सकती है।इसमें न धन खर्च होता है, न ही परिवार पर कोई बोझ पड़ता है।देहदान चिकित्सा शिक्षा को मजबूती देकर आने वाली पीढ़ियों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराता है।“आपका एक छोटा-सा निर्णय अनगिनत धड़कनों को नई गति और नया विश्वास दे सकता है। संस्था का 2030 लक्ष्यसर्वधर्म सेवा संस्था ने संकल्प लिया है कि वर्ष 2030 तक कम से कम 10,000 लोग अंगदान–देहदान का व्रत लें।
अब तक संस्था के माध्यम से 313+ महादानी संकल्प दर्ज हो चुके हैं और यह संख्या प्रतिदिन बढ़ रही है।
संस्था का आह्वान“मृत्यु अंत नहीं… यह किसी और के जीवन की नई शुरुआत है।
अंगदान करें – अमर बनें
सर्वधर्म सेवा संस्था भिलाई समस्त नागरिकों से भावपूर्ण निवेदन करती है कि वे इस मानवता के महासंकल्प से जुड़ें और अपने अंगों से जीवन की नई लौ जलाएँ।सुरेश खांडवे
अध्यक्ष
सर्वधर्म सेवा संस्था भिलाई
7024775773

Related Articles

Back to top button

You cannot copy content of this page

if(function_exists('cresta_help_chat_shortcode')) { echo do_shortcode('
Need Help? Contact Me!
'); }