नवरात्रि में देवी दुर्गा की पूजा के लिए घर में कलश स्थापना कर रहे हैं तो साथ में जौ बोना भी जरूरी
मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। इन दिनों मां के भव्य स्वागत के लिए भक्त अपने घरों और मंदिरों को भी विशेष रूप से डेकोरेट करते हैं। अगर आप भी माता रानी के स्वागत की तैयारियों में अभी से जुट गए हैं तो आज हम आपके लिए कुछ डेकोरेशन आइडियाज लेकर आए हैं


छताईसगढ़ / शारदीय नवरात्रि विशेष
आराध्या टाइम्स डेस्क /मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। इन दिनों मां के भव्य स्वागत के लिए भक्त अपने घरों और मंदिरों को भी विशेष रूप से डेकोरेट करते हैं। अगर आप भी माता रानी के स्वागत की तैयारियों में अभी से जुट गए हैं तो आज हम आपके लिए कुछ डेकोरेशन आइडियाज लेकर आए हैं, जिनकी मदद से आप कम बजट में ही अपने घर की नया लुक दे सकते हैं।
फूलों से सजाएं घर और मंदिर
डेकोरेशन की बात हो और फूलों का नाम ना आए ऐसा भला हो सकता है। खासतौर से अगर वो डेकोरेशन त्यौहारों के लिए हो तब तो फूलों का भरपूर इस्तेमाल करना बनता है। ये देखने में भी बेहद ही खूबसूरत लगते हैं। तो चलिए इस नवरात्रि फूलों से ही घर को नया लुक दिया जाए। फूलों और आम के पत्तों से घर का मुख्य द्वार सजाने के खूबसूरत तोरण तैयार किया जा सकता है। इसके अलावा आप रंग-बिरंगे फूलों की बेल बनाकर घर के ड्राइंग रूम, सीढ़ियों, बालकनी और पूजा घर को भी डेकोरेट कर सकते हैं। आप चाहें तो डेकोरेशन के लिए आर्टिफिशियल फूलों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं लेकिन कोशिश करें कि ताजे और फ्रेश फूलों से ही घर डेकोरेट करें।खासतौर से जब बात नवरात्रि पर माता रानी के स्वागत की आती है तब तो रंगोली बनाना बनता है। आप घर के मुख्य द्वार, आंगन, पूजा घर के दरवाजे और माता रानी की चौकी के पास रंगोली बना सकते हैं। रंगोली बनाने के लिए रंग-बिरंगे फूलों का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा नेचुरल रंगों जैसे आटा, हल्दी और कुमकुम का इस्तेमाल कर के भी खूबसूरत रंगोली बनाई झा सकती है।
पुरानी साड़ी का करें इस्तेमाल
नवरात्रि के पावन अवसर पर मंदिर को सजाने के लिए आप अपनी साड़ी का भी इस्तेमाल कर सकती हैं। अगर आपके पास चुनरी प्रिंट की साड़ी है तो ये डेकोरेशन के लिए बेस्ट रहेगी, हालांकि आप प्लेन साड़ी की मदद से भी मंदिर को डेकोरेट कर सकती है। साड़ी की मदद से आप माता रानी की चौकी के ऊपर मंडप बना सकती हैं जो देखने में बेहद खूबसूरत लगेगा। इसके अलावा अगर नवरात्रि पर आप बांस की मदद से मंदिर बनाकर इसमें माता रानी की चौकी को स्थापित कर रहे हैं, तो इसे डेकोरेट करने के लिए आप साड़ी की मदद ले सकते हैं। इसके लिए साड़ी को लपेटते हुए बांस को कवर करें। इसके बाद फूलों की लड़ियां और झालर लगाकर मंदिर को सजा दें।
लाइटिंग का करें भरपूर इस्तेमाल
डेकोरेशन में लाइटिंग पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। ऐसे में आप अपनी दीवाली वाली लाइट्स की मदद ले सकते हैं। इनकी मदद से आप मंदिर की डेकोरेशन कर सकते हैं। इसके अलावा घर के मेन गेट पर भी लड़ियां लगाकर माता रानी का स्वागत किया जा सकता है। लाइट्स के अलावा डिफरेंट कलर के बल्ब और दीयों से भी घर की सजावट में चार चांद लगाए जा सकते हैं।
शारदीय नवरात्रि नवरात्रि में देवी दुर्गा की पूजा के लिए घर में कलश स्थापना कर रहे हैं तो साथ में जौ बोना भी जरूरी होता है। घर में अगर जौ ठीक से नहीं उगती है तो जान लें जौ बोने का सही तरीका।
नवरात्रि में जौ बोते वक्त करें ये काम निकलेंगे बिल्कुल हरे-भरे
नवरात्रि की पूजा में जौ का खास स्थान होता है। मान्यता है कि देवी मां की कृपा का इन जौ के बीजों से लगा सकते हैं। घर में अगर आप कलश स्थापना और अखंड दीप जला रहे हैं तो साथ में जौ बोना जरूरी होता है। मान्यतानुसार जितना ज्यादा जौ उगेगा और हरा-भरा रहेगा। घर में अन्न और धन का भंडार उतना ज्यादा भरा रहता है और देवी मां पूजा से प्रसन्न होकर कृपा बरसाती है। कई बार देखा गया है कि नवरात्रि के नौ दिनों में ठीक से जौ नहीं उगते। इसका कारण जौ बोने का गलत तरीका भी हो सकता है। जानें कैसे नवरात्रि में जौ बोएं कि पूरे साल देवी मां की कृपा आप पर बरसती रहे और जौ बिल्कुल हरे-भरे ढेर सारे उगे।

नवरात्रि में हरे-भरे जौ उगाने के लिए इस तरह से बोएं
-सबसे पहले मिट्टी का एक साफ-सुथरा पात्र ले लें।
-अब उसमे रोली और हल्दी की मदद से स्वास्तिक बना लें और ऊं बना लें। थोड़े से फूल बनाकर इस पात्र को सजा लें।
-साथ में किसी साफ-सुथरी जगह की मिट्टी लें या नदी की मिट्टी मिल जाए तो उसे लें। या आप चाहें चो रेत को भी ले सकते हैं। बस इस रेत या मिट्टी को हल्का सा पानी डालकर गीला कर लें।
-अब इस गीली रेत को मिट्टी के पात्र में अच्छी तरह से मोटी लेयर करके बिछा दें।
-अच्छे क्वालिटी के जौ लें, जिसमे कीड़े-मकोड़े ना लगे हों। अब इन जौ को रातभर पानी में भिगोकर रख दें। अगर रातभर भिगोना भूल गए हैं तो सुबह के समय दो घंटे के लिए भी भिगो दें। जौ को भिगोते ही उसमे से खराब बीज ऊपर आ जाएंगे। इन सारे कूड़े, छिलके और खराब जौ को हटा दें। जितने अच्छे जौ हैं वो भीगकर फूल जाएंगे।
-इन जौ के भीगे बीजों को मिट्टी पर अच्छी तरीके से चारों तरफ फैलाकर डालें।
-फिर ऊपर सूखी रेत की हल्की परत गिराएं। जिससे कि बीज थोड़ा सा ढंक जाएं। ध्यान रहे कि रेत ज्यादा ना हो नहीं तो जौ ढंक जाएंगे और उगेंगे नहीं।
-इसके साथ ही इस सूखी रेत को हाथ से ना डालें बल्कि जिस कटोरी या बर्तन में ले रखा है उसी की मदद से धीरे-धीरे डालें।
-अब आप चाहें तो इस मिट्टी के मात्र को किसी प्लेट की मदद से एक से दो दिनों के लिए ढंक दें या फिर खुला ही छोड़ दें। इस प्रोसेस से जौ बोने से जल्दी और हरे-भरे उगते हैं।



