छत्तीसगढ़ के धौराभाटा के फल एवं सब्जियां पहले से ही मशहूर थे अब छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजन रखिया भी इनमें शामिल हो चुकी है जो की देश के कोने-कोने तक छत्तीसगढ़ के रखिए बिकने के लिए पहुंच रहे हैं
जेएस फॉर्म में शुद्ध गिर गाय के देसी घी भी मिलते हैं जो की अन्य घी से बहुत ही ज्यादा शुद्ध एवं खुशबूदार होते हैं


दुर्ग/धौराभाटा
ठंड का आगाज हो चुका है इसी को देखते हुए छत्तीसगढ़ में पारंपरिक सब्जी जिसे राखियां बड़ी कहते हैं वह बाजारों में बिकते दिख रहा है इसी कड़ी में धौराभाटा स्थिति जेस फॉर्म फल एवं सब्जियों की खेती के लिए मशहूर है और लगातार नए-नए प्रकार के फल एवं सब्जियां जेएस फॉर्म में उगते हैं एवं देश के कई कोने तक छत्तीसगढ़ के धौराभाटा के फल एवं सब्जियां पहुंचती है छत्तीसगढ़ के सबसे प्रसिद्ध व्यंजनों में से एक रखिया बड़ी जिसे रखिए के फल से बनाया जाता है वह भी अब जेएस फॉर्म में खाने योग्य तैयार हो चुके हैं जिसे बड़ी-बड़ी गाड़ियों में देश के कोने-कोने तक पहुंचाया जा रहा हैं जेएस फॉर्म में शुद्ध गिर गाय के देसी घी भी मिलते हैं जो की अन्य घी से बहुत ही ज्यादा शुद्ध एवं खुशबूदार होते हैंजेएस फॉर्म के संरक्षक राजेश पुनीया जी ने से बात करने पर यह पता चला कि जेएस फॉर्म में कई प्रकार के फल एवं सब्जियां उगाई जाती है इनका मकसद है कि बिना यूरिया के ऑर्गेनिक तरीके से फल एवं सब्जियां उगाये जिससे कि उन फल एवं सब्जियों को खाने से इंसान को की सेहत पर कोई भी दुष्प्रभाव ना पड़े जेएस फॉर्म में 100से भी ज्यादा गाय एवं भैंस का दूध निकलता है और उनके गोबर और मूत्र को रिसाइकल करके एक ऐसा खाद बनाया जाता है जिससे वह ऑर्गेनिक खेती करके फल एवं सब्जियां उगाते हैं




