

दुर्ग /पाटन/आराध्या टाइम डेस्क शासकीय उच्च माध्यमिक शाला महुदा, विकास खंड पाटन, जिला दुर्ग के दो अत्यंत योग्य और समर्पित शिक्षकों, श्री प्रफुल्ल साहू और श्रीमती सीमा शर्मा, के दुर्भावनापूर्ण और षड्यंत्रकारी स्थानांतरण आदेश को लेकर शाला प्रबंधन एवं विकास समिति (SMDC), पालकगण और समस्त ग्रामीणजनों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। इस संबंध में, शिक्षा मंत्री, श्री गजेंद्र यादव छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा मंत्री, से तत्काल हस्तक्षेप और न्याय की गुहार लगाई जा रही है तथा उक्त संबंध में जल्द ही शिक्षा मंत्री से ग्रामवासी मुलाकात करने कि भी बात कही गई है

एकतरफा कार्रवाई पर गंभीर आपत्ति
दुर्ग शिक्षा संभाग के संयुक्त संचालक कार्यालय द्वारा जारी पत्र क्रमांक/सशं/488/…/2025-26/4471, दिनांक 25 SEP 2025 के माध्यम से उक्त शिक्षकों के स्थानांतरण की कार्रवाई की गई है। स्थानीय शाला समिति और ग्रामीणजनों का स्पष्ट मत है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से एकपक्षीय, दुर्भावनापूर्ण एवं षड्यंत्र का परिणाम है, जो शिक्षकों पर लगाए गए झूठे आरोपों पर आधारित है

शिक्षकों के पक्ष में यह तथ्य है कि:
* उत्कृष्ट शैक्षणिक योगदान: श्री साहू और श्रीमती शर्मा पिछले कई वर्षों से कर्तव्यनिष्ठ होकर अध्यापन कर रहे हैं और उनके प्रयासों से शाला के शैक्षणिक स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। वे विद्यार्थियों और अभिभावकों के बीच अत्यंत लोकप्रिय और सम्मानित हैं।
* शाला विकास में सक्रिय भूमिका: दोनों शिक्षकों ने केवल शिक्षण ही नहीं, बल्कि विद्यालय के सर्वांगीण विकास में भी सक्रिय भागीदारी निभाई है। उनके अचानक स्थानांतरण से शाला का शैक्षणिक वातावरण बुरी तरह प्रभावित होगा और विद्यार्थियों का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा।
शिक्षा मंत्री से विनम्र निवेदन एवं न्याय की मांग
समिति ने माननीय शिक्षा मंत्री महोदय से विनम्र अनुरोध किया है कि शिक्षकों की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराए बिना की गई इस त्वरित एवं एकतरफा कार्रवाई को तत्काल निरस्त किया जाए।
मुख्य मांगें:
* स्थानांतरण तत्काल निरस्त हो: शिक्षक प्रफुल्ल साहू और श्रीमती सीमा शर्मा का स्थानांतरण आदेश अविलंब निरस्त किया जाए।
* दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई हो: शिक्षकों के विरुद्ध झूठे आरोप लगाकर षड्यंत्र रचने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने वाले विभागीय अधिकारियों/व्यक्तियों के विरुद्ध उच्च स्तरीय निष्पक्ष जाँच कराई जाए और दोषी पाए जाने पर सख्त अनुशासनात्मक एवं कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
समिति का मानना है कि यदि इस प्रकार दुर्भावनापूर्ण तरीके से कर्तव्यनिष्ठ शिक्षकों को प्रताड़ित किया जाता रहा, तो प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में कार्यरत अन्य शिक्षकों का मनोबल गिरेगा। शाला समिति, पालकगण और समस्त ग्रामवासी एकजुट होकर न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं और माननीय शिक्षा मंत्री महोदय से तत्काल हस्तक्षेप कर न्याय सुनिश्चित करने की अपील करते हैं।
निवेदक:
शाला प्रबंधन एवं विकास समिति (SMDC), पालकगण एवं समस्त ग्रामीणजन
शासकीय उच्च माध्यमिक
शाला महुदा, विकास खंड पाटन, जिला दुर्ग (छ.ग.)
जारीकर्ता
दानीराम साहू
उप सरपंच ग्राम पंचायत महुदा पाटन छत्तीसगढ़



