

दुर्ग / भिलाई/ आराध्या टाइम डेस्क
भिलाई ब्रेकिंग न्यूज़ /बैंक ऑफ़ बड़ौदा के सिविक सेंटर ब्रांच में सन 2000 सन 1991 से लॉकर लेकर रखा गया था

समय-समय पर जाकर अपने जेवरात की देखभाल और जेवर निकालना रखने का कार्य सुरक्षित एवं बैंक ऑफिसर के निर्देश पर अच्छे से करते रहते थे लेकिन 17 जनवरी 2025 को बैंक की तरफ से मैनेजर एवं लाकर के इंचार्ज का फोन आया कि आपका लॉकर ठीक हो गया है आप अपना जेवर फिर से पुराने लॉकर पर शिफ्ट कर ले यह कार्य हमने भली-भांति बैंक एवं लॉकर मैनेजर के निर्देश में अच्छे से पूर्ण किया 22 अप्रैल 2025 को जब हम लॉकर खोलने के लिए गए तो हम आश्चर्य चकित हो गए हमारे दो पैकेट गोल्ड के आभूषण गायब थे जिसका हमने शाखा प्रबंधक एवं लाकर मैनेजर को जानकारी दिया लॉकर की अदला बदली एवं नवंबर से जनवरी में शिफ्ट करने के बाद ही बैंक में रखे आभूषण गायब हो गए

अब संक्षिप्त में जानते हैं कि आखिरकार बैंक में हुआ क्या था दरोगा सिंह निवासी सड़क नंबर 5 भिलाई ने सिविक सेंटर में लाकर खुलवाया था जिसका लाकर नंबर था 697 17 जनवरी 2025 को बैंक कर्मचारियों द्वारा फोन आता है कि आपका लॉकर सही तरीके से काम नहीं कर रहा है आप अपने आभूषणों को दूसरे लॉकर में रख दीजिए बैंक वालों के कहने पर दरोगा सिंह बैंक पहुंचे एवं बैंक कर्मचारियों के सामने दूसरे लॉकर में अपने आभूषणों को रख दिया 22 अप्रैल 2025 को किसी कार्यक्रम में जाने के लिए जब वह बैंक पहुंचे और बैंक का लॉकर खोल कर देखा तो उसमें से दो पैकेट आभूषण गायब थे जिसमे से दरोगा सिंह की पत्नी श्यामा सिंह एवं उनकी बेटी आराधना सिंह के आभूषण गायब थे बैंक कर्मचारियों से पूछने पर बैंक कर्मचारी टोल मोल जवाब दे रहे थे एवं बुजुर्ग दंपत्ति से बतमीजी से बात कर रहे थे इसके बाद दरोगा सिंह एवं उनकी पत्नी श्यामा सिंह ने नजदीकी थाने में जाकर आवेदन दिया एवं एसपी के समक्ष भी अपनी घटना को बताया दरोगा सिंह जो की सन 1991 से उसे लाकर का इस्तेमाल कर रहे हैं इतने सालों में जब लॉकर में कुछ नहीं हुआ तो अब अचानक से ऐसा कैसे हो गया कि उनके आभूषण गायब हो गए दरोगा सिंह से बात करने पर पता चला कि आज की समय में उन आभूषणों की कीमत लाखों रुपए में है बुजुर्ग दंपत्ति न्याय की मांग पुलिस प्रशासन से कर रहे हैं



