डॉ.खूबचंद बघेल शास. स्नातकोत्तर महा.भिलाई-3 में ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020’ का छत्तीसगढ़ में क्रियान्वयन के तहत ‘एकीकृत चार वर्षीय स्नातक सह स्नातकोत्तर उपाधि पाठ्यक्रम’ के प्रथम बैच में नव प्रवेशित छात्र-छात्राओं हेतु दीक्षारंभ कार्यक्रम राजमहंत माननीय श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, विधायक अहिवारा विधानसभा, के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ रीना मजूमदार द्वारा अपने स्वागत उद्बोधन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 से विद्यार्थियों को होने वाले लाभ और उनके उज्जवल भविष्य को रेखांकित करते हुए करते हुए नवप्रवेशित विद्यार्थियों को अपने मेहनत से महाविद्यालय का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया गया


दुर्ग/आराध्या टाइम्स डेस्क डॉ.खूबचंद बघेल शास. स्नातकोत्तर महा.भिलाई-3 में ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020’ का छत्तीसगढ़ में क्रियान्वयन के तहत ‘एकीकृत चार वर्षीय स्नातक सह स्नातकोत्तर उपाधि पाठ्यक्रम’ के प्रथम बैच में नव प्रवेशित छात्र-छात्राओं हेतु दीक्षारंभ कार्यक्रम राजमहंत माननीय श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, विधायक अहिवारा विधानसभा, के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ दीक्षारम्भ कार्यक्रम का प्रारंभ विद्या की देवी मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। दीप प्रज्वलन एवं राज्य गीत गायन पश्चात अतिथि देवो भव: परंपरानुसार मुख्य अतिथि राजमहंत माननीय श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, विधायक अहिवारा विधानसभा, का पुष्पगुच्छ से महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ रीना मजूमदार द्वारा स्वागत किया गया। उपस्थित सम्मानीय अतिथि विधायक प्रतिनिधि दीलीप पटेल, मीडिया प्रभारी राम कुमार साहू , चरोदा मंडल अध्यक्ष सुषमा जेठानी का भी पुष्प गुच्छ से सवागत किया गया | महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ रीना मजूमदार का स्वागत महा. के वरिष्ठ प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष अंग्रेजी डॉ अमृता कस्तूरे द्वारा पुष्पगुच्छ से किया गया एवं वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ अमृता कस्तूरे का स्वागत महा. की प्राध्यापक डॉ ममता सराफ द्वारा किया गया | स्वागत की कड़ी में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत नियुक्त छात्र एम्बेसडर का भी स्वागत पुष्पगुच्छ से किया गया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020′ के तहत ‘एकीकृत चार वर्षीय स्नातक सह स्नातकोत्तर उपाधि पाठ्यक्रम’ के प्रथम बैच में नव प्रवेशित छात्र-छात्राओं का स्वागत महाविद्यालय की एनसीसी एवं एन एस एस के केडेट्स द्वारा तिलक लगाकर एवं पुष्प वर्षा कर किया गया । स्वागत कार्यक्रम पश्चात मंच संचालिका उमा आडिल द्वारा प्राचीन भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा एवं प्राचीन विश्वविद्यालय के शिक्षा एवं उसकी वैश्विक प्रसिद्धि तथा विदेशी आक्रमण के साथ इस शिक्षण पद्धति के समूल नाश एवं विदेशी मैकाले शिक्षा व्यवस्था के कारण अपने मूल से कटते विद्यार्थी एवं तैयार होते बेरोजगारों की फौज को दूर करने, भारतीय ज्ञान परंपरा को पुनः वैश्विक स्तर पर स्थापित करने, विद्यार्थियों को प्रायोगिक-व्यवहारिक- कौशल आधारित शिक्षा प्रदान करने की आवश्यकतानुरूप ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020’ के उद्देश्य की आवश्यकता, उद्देश्य, एवं विद्यार्थियों को होने वाले लाभ और शिक्षण व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन पर विस्तृत प्रकाश डाला गया। विभागाध्यक्ष वाणिज्य संकाय डॉ अल्पना दुबे द्वारा ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020’ के उद्देश्यों, महत्वपूर्ण प्रावधानों, सतत मूल्यांकन एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति तथा होने वाले लाभ पर विस्तृत चर्चा की गई।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ रीना मजूमदार द्वारा अपने स्वागत उद्बोधन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 से विद्यार्थियों को होने वाले लाभ और उनके उज्जवल भविष्य को रेखांकित करते हुए करते हुए नवप्रवेशित विद्यार्थियों को अपने मेहनत से महाविद्यालय का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया गय। मुख्य अतिथि राजमहंत माननीय श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, विधायक अहिवारा विधानसभा ने नव प्रवेशित छात्र-छात्राओं को कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति अनुपयोगी हो चुकी मैकाले शिक्षा व्यवस्था के ताबूत पर अंतिम किल साबित होगी और इस पर चलकर ही हम 2047 के विकसित भारत के स्वप्न को पूर्ण कर सकते हैं। श्री कोर्सेवाडा द्वारा महाविद्यालय के मांगों को शीघ्र पूर्ण करने का आश्वासन भी दिया गया। साथ ही उनके द्वारा नवप्रवेशित विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य के कामना की गई |दीक्षारंभ कार्यक्रम के स्वागत एवं अतिथि उद्बोधन पश्चात महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक एवं आइक्यूएसी प्रभारी डॉ मनीष कालरा द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया। इसके पश्चात कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में ‘इंडक्शन कार्यक्रम’ में तीनों संकाय के प्रथम वर्ष के नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं को उनके विषय, पाठ्यक्रम, मूल्यांकन पद्धति के अंतर्गत उपस्थिति, असाइनमेंट, परियोजना कार्य, आंतरिक मूल्यांकन, सतत मूल्यांकन; महाविद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं जैसे संगणक प्रयोगशाला, एनसीसी, एनएसएस, ग्रंथालय एवं क्रीड़ा आदि सुविधाओं के बारे में विस्तार से प्रभारी अधिकारियों द्वारा नकारी दी गई एवं विद्यार्थियों के शंकाओं का समाधान किया गया




